19 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का शनिवार को मां भीमाकाली की पावन नगरी सराहन में अनावरण किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने सराहन पहुंचकर प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
आरएस बाली ने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के लिए सदैव युगपुरुष रहेंगे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन प्रदेशवासियों की सेवा, जनकल्याण और हिमाचल के विकास के लिए समर्पित किया। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए उनके प्रयास हमेशा याद किए जाएंगे। जनमानस से गहरे जुड़ाव, दूरदर्शी नेतृत्व और विकास के प्रति प्रतिबद्धता के कारण उन्हें प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान मिली।
उन्होंने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व करते हुए राजा वीरभद्र सिंह ने हिमाचल के विकास में अतुलनीय योगदान दिया। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, उनके आदर्श और विकास की सोच आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
आरएस बाली ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ अपने वर्षों पुराने आत्मीय एवं पारिवारिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों के बीच स्नेह, विश्वास और सम्मान की परंपरा रही है। इन संबंधों को आगे बढ़ाना उनके लिए पारिवारिक मूल्यों और आपसी आत्मीयता से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह और उनके पिता जीएस बाली के बीच भी गहरे आत्मीय एवं पारिवारिक संबंध रहे। दोनों नेताओं ने दशकों तक मिलकर हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके बीच आपसी विश्वास, सम्मान और स्नेह का रिश्ता राजनीति से परे था और साझा जनसेवा के मूल्यों को दर्शाता था।
आरएस बाली ने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह की जनसेवा और विकास की विरासत को उनके सुपुत्र विक्रमादित्य सिंह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। पिता के आदर्शों और जनकल्याण की भावना से प्रेरित होकर प्रदेश के विकास के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि मां भीमाकाली की पावन धरती सराहन में राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण हिमाचल प्रदेश के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक अवसर है। यह प्रतिमा प्रदेश के विकास में उनके योगदान, जनकल्याण के प्रति समर्पण और उनकी अमिट विरासत की याद दिलाती रहेगी। राजा वीरभद्र सिंह के विचार और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रदेशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।