20 जुलाई: ऊना जिले में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले को राज्य महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। रविवार को आयोग की सदस्य सरोज शर्मा पीड़ित बच्ची से मिलने उसके गांव पहुंचीं और परिवार की स्थिति का जायजा लिया। बच्ची से बातचीत के दौरान उसकी आपबीती सुनकर वह भावुक हो गईं तथा उसे हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
पीड़ित बच्ची के साथ उसके दो छोटे भाई भी हैं, जिनकी उम्र लगभग 8 वर्ष और 2 वर्ष है। परिवार की परिस्थितियों के कारण तीनों बच्चों की देखभाल का जिम्मा अब दादी पर आ गया है।
दादी ने बताया कि उनका बेटा जेसीबी ऑपरेटर था और पश्चिम बंगाल से विवाह कर पत्नी को घर लाया था। पारिवारिक विवाद और घरेलू हिंसा के चलते पत्नी मायके चली गई, जिसके बाद बच्चे दादी और पिता के साथ रह रहे थे।
निरीक्षण के दौरान सरोज शर्मा ने बच्चों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने देखा कि भीषण गर्मी के बावजूद बच्चे सर्दियों के मोटे कपड़े पहने हुए थे। परिवार का गुजारा दादी को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन से हो रहा है। दादी कच्चे मकान में रहती हैं, जबकि बच्चे एक कमरे के पक्के मकान में रह रहे थे।
महिला आयोग की सदस्य ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोमवार को वह उपायुक्त ऊना और जिला कार्यक्रम अधिकारी से मुलाकात कर बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए चर्चा करेंगी।
सरोज शर्मा ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देने वाली हैं। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित बच्चों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य उपलब्ध कराना प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है।