14 सितम्बर, तरसेम जरयाल: राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में विद्यार्थियों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक और औद्योगिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के चयनित राजकीय महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री कार्यक्रम (AEDP) लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला ने ब्यूरो ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (BOAT-NR), कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस पहल के तहत राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की ओर से वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. परवेश गिल और सहायक आचार्य डॉ. हर्ष दीपिका दत्ता ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया और महाविद्यालय की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक अध्ययन के साथ कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण और उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध करवाना है। इससे विद्यार्थियों की रोजगारपरक दक्षताओं और पेशेवर कौशल को विकसित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को संबंधित उद्योगों और संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान विद्यार्थियों को न्यूनतम 10,900 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने का प्रावधान है।
वाणिज्य विषय के विद्यार्थियों के लिए बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI) जैसे रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी डिग्री प्राप्त करने के साथ वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव हासिल कर सकेंगे और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप अपने कौशल को विकसित कर सकेंगे।
महाविद्यालय में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन को शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और भविष्य में बेहतर रोजगार एवं करियर अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।