20 जुलाई: सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सखोली ने विवाह समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रविवार को पंचायत प्रधान कमलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ये प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
नए नियमों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में होने वाले विवाह समारोह अब सादगीपूर्ण ढंग से आयोजित किए जाएंगे। दुल्हन केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली, कानों के झुमके और पायल ही धारण करेगी। अन्य भारी आभूषण पहनने की परंपरा समाप्त कर दी गई है।
पंचायत ने विवाह से जुड़ी ‘मामा खर्च’ की परंपरा भी खत्म करने का फैसला लिया है। अब केवल सगे मामा ही इस रस्म में शामिल होंगे और उनके द्वारा बकरा या अन्य उपहार देने-लेने की प्रथा पर भी रोक रहेगी।
इसके अलावा बारात में अधिकतम 10 वाहनों की ही अनुमति होगी। रिश्ता तय करने के दौरान निभाई जाने वाली ‘माशा खान’ की परंपरा को भी समाप्त कर दिया गया है।
पंचायत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति इन सामाजिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उसे पूरी पंचायत के लोगों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन भी करना होगा।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य समाज में सादगी, समानता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना तथा विवाह समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करना है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से नए नियमों का पालन करने की अपील की।