29 जुलाई , नरेश मलोटिया: अमतर-बेला की होनहार छात्रा कुमकुम ने प्रथम प्रयास में हिमाचल प्रदेश राज्य पात्रता परीक्षा (एचपी-सेट 2026) उत्तीर्ण कर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। विज्ञान संकाय से पढ़ाई शुरू करने के बावजूद उन्होंने संस्कृत विषय को अपनाकर कम समय में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
कुमकुम ने वर्ष 2021 में राजकीय उत्कृष्ट कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नादौन से नॉन-मेडिकल संकाय में जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण की। विद्यालय में अध्ययन के दौरान संस्कृत के प्रति रुचि विकसित होने पर उन्होंने संस्कृत अध्यापक आचार्य नरेश मलोटिया के मार्गदर्शन में इस विषय को अपने उच्च अध्ययन का आधार बनाया। इसके बाद उन्होंने सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, डोहगी से वर्ष 2024 में शास्त्री परीक्षा 91.29 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की।
इसी वर्ष कुमकुम ने एचपी-टेट (संस्कृत) परीक्षा में 150 में से 146 अंक प्राप्त किए। वर्तमान में वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से संस्कृत विषय में एम.ए. अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के बीच उन्होंने एचपी-सेट 2026 भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर एक और उपलब्धि अपने नाम दर्ज की।
कुमकुम के पिता तरसेम सिंह चालक हैं, जबकि माता सुषमा देवी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से आने वाली कुमकुम ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी उपलब्धि से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
संस्कृत अध्यापक आचार्य नरेश मलोटिया ने कहा कि कुमकुम शुरू से ही अनुशासित, परिश्रमी और मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि कुमकुम भविष्य में संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
कुमकुम ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट-2026) के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन एम.ए. अंतिम वर्ष की परीक्षा और नेट की परीक्षा एक ही दिन होने के कारण वह नेट में शामिल नहीं हो सकीं।