29 जुलाई: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से बुधवार को उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को बीआईएस द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों, उपभोक्ता संरक्षण तथा प्रमाणित उत्पादों के महत्व से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि आईएसआई प्रमाणित उत्पाद खरीदने से उपभोक्ता उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। आईएसआई मानक चिह्न इस बात की गारंटी देता है कि उत्पाद भारतीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
कार्यक्रम में बीआईएस परवाणु शाखा के संयुक्त निदेशक शुभम तिवारी ने अधिकारियों को आईएसआई, बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क और हॉलमार्क की पहचान, उनकी प्रामाणिकता तथा उपभोक्ताओं के लिए उनके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोने के आभूषण खरीदते समय उपभोक्ताओं को हॉलमार्क अवश्य जांचना चाहिए। प्रत्येक हॉलमार्कयुक्त आभूषण पर बीआईएस का चिन्ह, शुद्धता और छह अंकों का एचयूआईडी (HUID) कोड अंकित होना अनिवार्य है, जिसकी सत्यता बीआईएस केयर मोबाइल ऐप के माध्यम से भी जांची जा सकती है।
उन्होंने बताया कि आईएसआई और बीआईएस प्रमाणित उत्पादों की जानकारी, लाइसेंस सत्यापन तथा गुणवत्ता संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए बीआईएस पोर्टल और बीआईएस केयर ऐप का उपयोग किया जा सकता है। उपभोक्ता शिकायतों के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 14404 और टोल फ्री नंबर 1800-11-4000 भी उपलब्ध हैं।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि बीआईएस की डिजिटल सेवाओं के माध्यम से कोई भी हितधारक नए मानकों का प्रस्ताव दे सकता है, तकनीकी समितियों का सदस्य बन सकता है और भारतीय मानकों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि बीआईएस ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई दैनिक उपयोग और औद्योगिक उत्पादों पर आईएसआई प्रमाणन अनिवार्य किया है। इनमें एलपीजी गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, एयर कंडीशनर, केबल, स्विच, हेलमेट, खिलौने, मोबाइल फोन, लैपटॉप, टेलीविजन, माइक्रोवेव ओवन, ऑटोमोबाइल टायर और विभिन्न चिकित्सा उपकरण सहित अनेक उत्पाद शामिल हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।