20 अगस्त: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को सत्र की तैयारियों और सदन के कामकाज को लेकर जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मानसून सत्र के लिए विधायकों की ओर से राज्य से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों पर कुल 1,026 प्रश्न प्रस्तुत किए गए हैं। 18 अगस्त तक ऑनलाइन प्राप्त इन प्रश्नों में तारांकित और अतारांकित दोनों श्रेणियों के प्रश्न शामिल हैं। इनमें स्वास्थ्य एवं शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और जनमहत्व से जुड़े अन्य विषय प्रमुख हैं।
सत्र के दौरान विभिन्न नियमों के तहत मामले उठाने के लिए विधानसभा सचिवालय को 50 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें 13 ध्यानाकर्षण सूचनाएं, नियम 62 के तहत दो, नियम 101 के तहत पांच और नियम 130 के तहत 15 सूचनाएं शामिल हैं। नियम 130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और नागरिक आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए कम से कम दो घंटे का समय निर्धारित किया जाएगा।
सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और आम सहमति बनाने के उद्देश्य से 20 अगस्त को सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की कार्यक्षमता लगातार 90 से 120 प्रतिशत के बीच रही है, जो इसे देश की बेहतर कार्यप्रणाली वाली विधानसभाओं में शामिल करती है।
पठानिया ने बताया कि सरकार की ओर से सदन में दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए उनके नेतृत्व में आश्वासन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति सदस्यों की शिकायतों का भी निपटारा करेगी। उन्होंने बताया कि विशेषाधिकार से जुड़े केवल 5 से 7 मामले लंबित हैं, जबकि अधिकांश मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि याचिका समिति को प्राप्त 120 याचिकाओं में से 75 मामलों में लोगों को राहत प्रदान की गई है। वहीं, मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हमलावर रुख के चलते सदन में हंगामे के भी आसार हैं।