15 जून को राजगढ़ में गूंजेगा सायरन, मेगा मॉक ड्रिल में परखी जाएगी आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था

13 जून, रवि दत्त भारद्वाज : राजगढ़ (सिरमौर) में 15 जून को यदि अचानक सायरन की आवाज सुनाई दे और राहत-बचाव दल सक्रिय दिखाई दें तो लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह किसी वास्तविक आपदा की स्थिति नहीं, बल्कि राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का हिस्सा होगा। इस अभ्यास के माध्यम से प्रशासन बादल फटना, भूकंप और जंगलों में आग लगने जैसी संभावित आपदाओं से निपटने की अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करेगा।

प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए राजगढ़ में 10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त सहयोग से होने वाली इस ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय प्रशासनिक तंत्र की तत्परता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का आकलन करना है।

ड्रिल की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एसडीएम कार्यालय राजगढ़ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने की। इस दौरान राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, शिक्षा तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां तय की गईं।

प्रशासन द्वारा पूर्व में टेबल टॉप एक्सरसाइज के माध्यम से भी संभावित आपदा परिस्थितियों का आकलन किया जा चुका है। इस दौरान संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता, एंबुलेंस सेवाओं, राहत शिविरों और इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

15 जून को आयोजित होने वाली ऑन-ग्राउंड मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियां तैयार की जाएंगी। सायरन बजाकर आपातकालीन स्थिति की घोषणा की जाएगी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने, अस्पतालों में शिफ्ट करने, राहत शिविर स्थापित करने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का अभ्यास करेंगे।

प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन तंत्र की वास्तविक क्षमता को परखने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि संभावित कमियों की पहचान कर भविष्य की रणनीति को और मजबूत बनाने में भी मददगार साबित होते हैं। साथ ही इससे आम लोगों में आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है।

एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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