28 जुलाई: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालय अगले पांच वर्षों में राज्य के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में पहली कक्षा से सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू की गई है और 156 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं तथा सरकारी स्कूलों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नया नामांकन हुआ है।
शिमला स्थित बिशप कॉटन स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बिशप कॉटन स्कूल को उत्कृष्ट शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और चरित्र निर्माण का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस संस्थान ने वर्षों से देश-विदेश में उत्कृष्ट प्रतिभाएं तैयार की हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि कॉलेज के दिनों में वे यहां क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने आते थे। उन्होंने कहा कि बिशप कॉटन स्कूल का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाता है और इसके पूर्व छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर देश और समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल सफलता को लक्ष्य न बनाएं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, सेवा और दृढ़ संकल्प जैसे मूल्यों को अपनाकर जिम्मेदार नागरिक बनें तथा समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी वर्ग का विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य बनने का ऐतिहासिक गौरव हासिल किया है। साथ ही असर रिपोर्ट, परख मूल्यांकन और शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में प्रदेश के बेहतर प्रदर्शन को राज्य सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का परिणाम बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के संस्थापक बिशप जॉर्ज एडवर्ड लिंच कॉटन की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की, विद्यालय का ध्वज फहराया तथा विद्यार्थियों के माउंटेनियरिंग अभियान-2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 28 जुलाई से 8 अगस्त तक लेह-लद्दाख में आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यालय के छह छात्र भाग ले रहे हैं।