20 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए संजौली, रामपुर और रिकांगपिओ के बीच 21 अक्तूबर, 2026 से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध होगी। इससे दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन के लिए एक वैकल्पिक साधन मिलेगा।
निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, हेलीकॉप्टर सुबह 9:55 बजे संजौली से रवाना होकर 10:30 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद सुबह 10:50 बजे रामपुर से रिकांगपिओ के लिए उड़ान भरेगा और 11:25 बजे वहां पहुंचेगा। रिकांगपिओ से सुबह 11:30 बजे रवाना होकर हेलीकॉप्टर दोपहर 12:05 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद दोपहर 12:10 बजे रामपुर से संजौली के लिए वापसी उड़ान होगी, जो 12:45 बजे संजौली पहुंचेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने लोगों की आवागमन संबंधी समस्याओं को समझते हुए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने संजौली और रामपुर के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पवन हंस लिमिटेड ने क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के तहत शिमला-रामपुर मार्ग पर यह सेवा शुरू करने का अनुरोध किया है।
इस सेवा के शुरू होने से रामपुर क्षेत्र के लोगों को शिमला पहुंचने के लिए परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और यात्रा में होने वाली कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी। प्रवक्ता ने बताया कि क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान 5.0 के तहत शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ, कुल्लू, मनाली, मंडी और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले हवाई मार्ग हेरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड को आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हेरिटेज एविएशन द्वारा शिमला-रिकांगपिओ, शिमला-कुल्लू-शिमला और चंडीगढ़-मंडी वाया कुल्लू मार्गों पर उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, पवन हंस लिमिटेड द्वारा क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत संजौली और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह में तीन दिन हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, राज्य क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त उड़ान भी संचालित की जाती है। इस उड़ान के लिए राज्य सरकार व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) के तहत 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिस पर प्रतिवर्ष लगभग 35.70 लाख रुपये खर्च होते हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से शिमला और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह के सातों दिन हवाई संपर्क उपलब्ध करवाया जा रहा है।