20 अक्तूबर: कसौली की खूबसूरत वादियों में 23 से 25 अक्तूबर तक 15वें खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। कसौली क्लब में होने वाले इस तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव का विषय ‘असहमति की कला: मतभेदों के पार संवाद’ रखा गया है। इस दौरान साहित्य, पत्रकारिता, राजनीति, व्यापार, तकनीक, सिनेमा और कला जगत से जुड़ी 80 से अधिक हस्तियां विभिन्न विषयों पर विचार साझा करेंगी।
वर्ष 2012 में कसौली से शुरू हुए इस फेस्टिवल का आयोजन और निर्देशन खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह करते हैं। शुरुआत में करीब 200 श्रोताओं की भागीदारी से शुरू हुआ यह आयोजन अब लोकप्रियता के नए आयाम छू रहा है। वर्तमान में इसमें प्रतिदिन लगभग 1,000 लोग हिस्सा लेते हैं।
इस वर्ष फेस्टिवल में राजनीतिक ध्रुवीकरण, पीढ़ियों के बीच बढ़ती खाई, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), गलत सूचना, भारत-पाकिस्तान संवाद, लैंगिक पहचान, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन तथा लोकतंत्र के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
फेस्टिवल के आधिकारिक कार्यक्रम में फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली, शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक, पूर्व सेना प्रमुख जनरल (डॉ.) मनोज मुकुंद नरवणे, सार्थक आहूजा, विष्णु सोम, हरतोष सिंह बल, मनराज ग्रेवाल, अन्ना एम.एम. वेट्टिकाड, बाची करकरिया, अवय शुक्ला, डॉ. अमरिंदर बजाज और रेखा खन्ना सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। वहीं, फिल्म और मनोरंजन जगत से दिव्या दत्ता, संध्या मृदुल, सतिंदर सरताज और पूजा बेदी के भी इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है।
विचारों की विविधता, खुली बहस और असहमति के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह फेस्टिवल एक बार फिर साहित्य और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा के लिए देश-विदेश की प्रमुख हस्तियों को एक मंच पर लाएगा।