29 जुलाई तरसेम जरयाल : धर्मशाला स्थित राजकीय महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा बी.एससी. रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए “रसायन विज्ञान में करियर के अवसर एवं नई शिक्षा नीति-2020” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के रसायन विज्ञान विभाग के शिक्षाविद् डॉ. संदीप चौहान रहे। उन्होंने बताया कि आज के दौर में रसायन विज्ञान का क्षेत्र केवल शिक्षण और शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि फार्मास्यूटिकल्स, पर्यावरण विज्ञान, फॉरेंसिक, खाद्य उद्योग, कॉस्मेटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता नियंत्रण और सिविल सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में भी बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की ओर प्रेरित करती है। साथ ही विद्यार्थियों से अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने और नई शिक्षा नीति के तहत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बी.एससी. रसायन विज्ञान के 136 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और करियर, उच्च शिक्षा तथा शोध से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ से संवाद किया। विद्यार्थियों ने व्याख्यान को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर रजनीश दीवान ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उन्हें अपने भविष्य की दिशा तय करने में सहायता मिलती है। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. संजय जसरोटिया, डॉ. रितु बाला, डॉ. पूनम धीमान, प्रो. सुमिता सहित महाविद्यालय के कई प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के आह्वान के साथ हुआ।