11 जून : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रमाण-पत्रों और लाइसेंस से संबंधित सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो सकें।
युवाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2026-27 में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 500 अतिरिक्त युवाओं को योजना से जोड़ने हेतु 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने पर भी 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित किया जाएगा।
बैठक में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 में संशोधन कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। इस कदम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं तक अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।