10 जुलाई: बिलासपुर के मंडी-भराड़ी में दिनदहाड़े हुए सनसनीखेज जानलेवा हमले के मामले में बिलासपुर पुलिस ने महज 28 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी निवासी नसवाल और कुलभूषण ठाकुर उर्फ लक्की निवासी तरेड़ को कुल्लू के बंजार क्षेत्र के जंगलों से दबोच लिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से फरारी की योजना बनाई थी। दोनों ने मात्र 24 घंटे के भीतर आठ अलग-अलग वाहन बदले, मुख्य सड़कों से बचते हुए केवल लिंक रोड का इस्तेमाल किया और लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उनका पीछा करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
गौरतलब है कि 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे मंडी-भराड़ी के पास पंजाब निवासी सन्नी गिल पर दो नकाबपोश हमलावरों ने जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए एम्स बिलासपुर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस थाना सदर बिलासपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपियों की फरारी में कई लोगों ने सहयोग किया। पुलिस ने वाहन उपलब्ध कराने और अन्य लॉजिस्टिक सहायता देने के आरोप में धीरज धर्माणी निवासी कंरगोड़ा, सूर्या चंदेल निवासी दड़ोलां और अनिल कुमार निवासी बरठीं को भी गिरफ्तार किया है। इनमें धीरज धर्माणी को 8 जुलाई को ही हिरासत में ले लिया गया था, जबकि अनिल कुमार को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। सूर्या चंदेल मुख्य आरोपियों के साथ फरार हो गया था।
एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि मंडी-भराड़ी हमले के मामले में मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।