10 जुलाई: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जल्द ही नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी। नई नीति का मुख्य उद्देश्य व्यापार करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और अधिक से अधिक निवेशकों को हिमाचल की ओर आकर्षित करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह बात उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति को उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत विभिन्न स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा और सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊना में 2071 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। अब तक करीब 800 बीघा भूमि का समतलीकरण किया जा चुका है और निर्माण कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने अधिकारियों को 15 जुलाई तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और स्टीम जनरेशन सुविधा से जुड़े कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही, देश की प्रमुख कंपनियों को इस परियोजना में निवेश के लिए आमंत्रित करने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण के लिए 66 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है और कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को वन डिस्ट्रिक्ट-थ्री प्रोडक्ट्स कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के उत्कृष्ट स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और लोगों की आय में वृद्धि हो।
समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, सचिव आशीष सिंहमार, सचिव अमरजीत सिंह, उद्योग निदेशक यूनुस, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।