10 जुलाई: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत पात्र लाभार्थियों की अंतिम स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ग्रामीण विकास निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने पोस्ट-डिलीशन मॉड्यूल लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से वास्तविक पात्र परिवारों का चयन तय मानकों के अनुसार किया जाएगा।
निदेशालय के अनुसार, डिलीशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवास प्लस पोर्टल से तैयार प्राथमिकता सूची का सत्यापन संबंधित ग्राम सभाओं में किया जाएगा। ग्राम सभा सूची में शामिल परिवारों की पात्रता और प्राथमिकता की समीक्षा करेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संशोधन की अनुशंसा भी कर सकेगी। प्रत्येक संशोधन का कारण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए भारत सरकार ने कई नई सुविधाएं भी जोड़ी हैं। इनमें ग्राम सभा की जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड तस्वीरें अपलोड करना, बैठक की कार्यवाही का स्वतः तैयार प्रारूप, पंचायती राज संस्थाओं के हस्ताक्षर एवं मुहर का डिजिटल रिकॉर्ड तथा दस्तावेजों का एआई आधारित सत्यापन शामिल है।
यदि कोई पात्र परिवार ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित अंतिम सूची में स्थान नहीं बना पाता है, तो उसे निर्धारित नियमों के तहत जिला स्तरीय अपीलीय समिति के समक्ष अपील करने का अधिकार होगा।
ग्रामीण विकास निदेशालय ने सभी उपायुक्तों, जिला विकास अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और पंचायती राज संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करते हुए लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार करने का कार्य 10 जुलाई तक समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाए।