24 जुलाई:कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र की बोह वैली में बादल फटने से हुई भारी तबाही के बाद राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में आ रही कठिनाइयों के बीच भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और दुर्गम गांवों में पहुंचकर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया है।
धारकंडी स्थित बोह वैली के तीन गांवों में बादल फटने के बाद जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे राहत दलों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बन गया। घुडघून गांव की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है, जहां मलबा और टूटे रास्तों के कारण भारी मशीनरी तक नहीं पहुंच पा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय सेना से सहायता मांगी। इसके बाद सेना के जवान कठिन और दुर्गम रास्तों को पार कर प्रभावित गांवों तक पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि गुरुवार को लगातार बारिश के कारण अभियान की रफ्तार प्रभावित रही, लेकिन सेना की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को बड़ा सहारा मिला है।
इस आपदा की घड़ी में सरकार और प्रशासन के साथ-साथ कई समाजसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग भी बिना किसी प्रचार-प्रसार के प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं। वे जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री, जरूरी सामान और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचा रहे हैं।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि कुछ अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती था। इसी कारण सेना की मदद ली गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सेना मिलकर युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं तथा सभी प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द आवश्यक सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।