26 अगस्त: शिमला में भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के पूर्व सैनिकों से संवाद किया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने अग्निवीर योजना को लेकर चिंता जताते हुए सेना में नियमित भर्ती बहाल करने और हिमाचल का भर्ती कोटा बढ़ाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का सेना से गहरा संबंध है। चार परमवीर चक्र विजेताओं की इस वीरभूमि में सेना में भर्ती केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देशसेवा और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना का प्रभाव कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर समेत कई जिलों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व सैनिकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और भावनाओं को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हिमाचल के युवाओं और पूर्व सैनिकों की चिंताओं से अवगत करवाएंगे तथा नियमित सैन्य भर्ती बहाल करने और प्रदेश का भर्ती कोटा बढ़ाने की मांग रखेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस विभाग में 1,300 कांस्टेबल पदों पर भर्ती की गई है, जबकि 1,000 अन्य पदों को भी जल्द भरा जाएगा।
बैठक में सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम के चेयरमैन कर्नल मनीष कुमार, पूर्व सैनिक शिवदयाल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।