26 अगस्त: खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अब प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर जिला स्तरीय सलाहकार समिति की 10वीं बैठक उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमित निरीक्षण के साथ अधिक से अधिक खाद्य नमूने लेने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति इसकी बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बाजार में बिक रहे दुग्ध उत्पादों की नियमित जांच और सैंपलिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक खाद्य नमूने लेने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं और जागरूकता शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया।
उपभोक्ताओं से भी पैकेटबंद खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर अंकित सामग्री, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि समेत अन्य जरूरी जानकारी जांचने की अपील की गई।
बैठक में प्रतिबंधित स्वादयुक्त तंबाकू उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने थोक विक्रेताओं, वितरकों, परिवहनकर्ताओं और खुदरा विक्रेताओं को प्रतिबंधित उत्पादों का भंडारण, परिवहन और बिक्री बंद करने के निर्देश दिए। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों और अनहेल्दी फूड की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने के लिए सितंबर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। बैठक में ‘ईट राइट कैंपस’ और ‘ईट राइट स्ट्रीट’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा की गई।
सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी एल.डी. ठाकुर ने बताया कि 20 दिसंबर 2025 से 22 अगस्त 2026 तक मंडी जिले में खाद्य सुरक्षा विंग ने खाद्य पदार्थों के 175 नमूने लिए और 193 निरीक्षण किए। इस दौरान 41 उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ मामले चलाए गए और 13 लाख 23 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा, नगर निगम आयुक्त डॉ. मदन कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरिंदम राय, डीएफएससी विजेंदर सिंह पठानिया, डीपीओ आईसीडीएस अजय बदरेल, उपनिदेशक उच्च शिक्षा यशवीर धीमान सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।