26 अगस्त: राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने युवाओं से चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए चिट्टा मुक्त अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
अणु स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार पुलिस और नशा निवारण बोर्ड के माध्यम से व्यापक अभियान चला रही है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रदेश सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों की सूचना पुलिस को देने के साथ-साथ टोल फ्री नंबर 112 और ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ ऐप के माध्यम से भी दी जा सकती है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।
नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए प्रदेश में संचालित नशा उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों का राज्य नशा निवारण बोर्ड नियमित निरीक्षण कर रहा है। केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि नशे से प्रभावित लोगों को इससे बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
उन्होंने युवाओं से खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए 11.56 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया है।
कार्यक्रम के दौरान नरेश ठाकुर ने विद्यार्थियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई। उन्होंने क्रिकेट प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सतीश सोनी, शिक्षक, विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।