22 अप्रैल: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्नातक स्तर की पढ़ाई में बड़े बदलाव लागू किए गए हैं। नई व्यवस्था में पाठ्यक्रम के साथ-साथ हर शैक्षणिक गतिविधि के लिए समय सीमा तय की गई है और क्रेडिट सिस्टम को अनिवार्य बनाया गया है।
नई प्रणाली के अनुसार एक सेमेस्टर करीब 90 कार्य दिवसों का होगा और पूरे शैक्षणिक वर्ष को दो सेमेस्टर में विभाजित किया जाएगा। पढ़ाई को क्रेडिट आधारित बनाया गया है, जिसमें हर क्रेडिट छात्र द्वारा दिए गए समय से जुड़ा होगा।
इंटर्नशिप को अब अनिवार्य अकादमिक गतिविधि बना दिया गया है। इसके तहत छात्रों को 2 से 4 क्रेडिट मिलेंगे और उन्हें 60 से 120 घंटे तक वास्तविक कार्यस्थल पर काम करना होगा। यह इंटर्नशिप समर टर्म में करवाई जाएगी और डिग्री का आवश्यक हिस्सा होगी।
इसके साथ ही स्किल एन्हांसमेंट कोर्स भी लागू किए गए हैं, जिनमें लगभग 45 घंटे का प्रशिक्षण शामिल होगा। तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के लिए 120 और चार वर्षीय ऑनर्स कार्यक्रम के लिए 160 क्रेडिट पूरे करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल उच्च शिक्षा को अधिक पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाएगा, हालांकि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए कॉलेजों में संसाधन, उद्योग सहयोग और मजबूत निगरानी व्यवस्था जरूरी होगी।
नई व्यवस्था के तहत कॉलेजों को छात्रों की उपस्थिति, प्रैक्टिकल, इंटर्नशिप और स्किल ट्रेनिंग के घंटों का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जिसके लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
इसी बीच Himachal Pradesh University के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीए एलएलबी ऑनर्स पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुल 120 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा, जिनमें 75 सब्सिडाइज्ड और 45 नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटें शामिल हैं।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 5 जून रात 12 बजे तक निर्धारित की गई है, जबकि आवेदन में संशोधन की सुविधा 8 जून तक उपलब्ध रहेगी। काउंसलिंग 16 जून को एवालॉज कैंपस, चौड़ा मैदान शिमला में आयोजित की जाएगी और मेरिट सूची 22 जून को जारी होगी।
पात्रता के अनुसार अभ्यर्थी का 12वीं पास होना या परीक्षा में शामिल होना जरूरी है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत और एससी-एसटी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 20 वर्ष और एससी-एसटी के लिए 22 वर्ष तय की गई है। संस्थान के निदेशक प्रो. शिव कुमार डोगरा ने अभ्यर्थियों से विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने का आग्रह किया है।