20 अक्तूबर: कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाली में लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार और प्रशासन को सीधे जनता के बीच पहुंचाकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि कोटला क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रशासनिक और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। कोटला में उपतहसील होने से लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिल रही है। इसके अलावा, कोटला के स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करवाया गया है और वहां पुलिस थाना भी स्थापित किया गया है। लोगों की सुविधा के लिए ब्लॉक कार्यालय को नगरोटा सूरियां से ज्वाली स्थानांतरित किया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है।
कृषि मंत्री ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भाली के भवन की मरम्मत के लिए 20 लाख रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। स्कूल के नए भवन के निर्माण की मांग पर उन्होंने संबंधित विभाग को एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन सीपीएस नीरज भारती के प्रयासों से स्कूल में 55 लाख रुपये की लागत से साइंस ब्लॉक का निर्माण भी करवाया गया था।
उन्होंने भाली पंचायत में भूमिगत जल की उपलब्धता का पता लगाने के लिए हाइड्रोजियोलॉजिस्ट से सर्वे करवाने की बात कही। सर्वे के आधार पर पंचायत में पांच से छह हैंडपंप स्थापित करवाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत में मोटर योग्य रास्तों के निर्माण के लिए वन विभाग की आवश्यक मंजूरी प्रदान करने के संबंध में डीएफओ को निर्देश दिए। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग को नागद्रमन-बाड़ा सड़क की मरम्मत करवाने के निर्देश भी दिए।
प्रो. चन्द्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत भाली में वर्ष 2022 से अब तक ब्लॉक कार्यालय के माध्यम से 1.44 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध धनराशि का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
कृषि मंत्री ने लोगों से खेतीबाड़ी की ओर लौटने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक रूप से उगाई गई गेहूं, मक्की, कच्ची हल्दी और अदरक को क्रमशः 80, 50, 150 और 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार गाय के दूध को 61 रुपये और भैंस के दूध को 71 रुपये प्रति लीटर की दर से एमएसपी पर खरीद रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों से खरीदे जाने वाले दूध का प्रसंस्करण ढगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जा रहे मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट में किया जाएगा। यहां दूध से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर उन्होंने रामलीला क्लब भाली को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। पंचायत प्रधान की ओर से रखी गई मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यक्रम में एसडीएम नरेंद्र जरियाल, डीएफओ संदीप कोहली, बीडीओ मनोज शर्मा, नायब तहसीलदार सीताराम, एसएचओ कुलदीप सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बलविंदर, एसडीओ अंकित चौधरी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चैन सिंह गुलेरिया, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, भाली पंचायत प्रधान अमन राणा, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अखिल राणा, जितेंद्र राणा जीतू, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।