10 जून, रवि दत्त भारद्वाज : देश के सबसे बड़े सांख्यिकीय अभियान जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सिरमौर जिले की राजगढ़ तहसील में 40 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनगणना कार्यों के लिए तैयार करना है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके।
अम्बेडकर भवन राजगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ तहसीलदार एवं जनगणना प्रभारी अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संग्रहण, डिजिटल प्रपत्रों के संचालन और फील्ड सर्वेक्षण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षक प्रोजेक्टर और डिजिटल प्रस्तुतियों के जरिए जनगणना से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं को समझा रहे हैं।
राजेंद्र शर्मा ने बताया कि भारत सरकार वर्ष 2027 में राष्ट्रीय जनगणना आयोजित करने जा रही है। इसके लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक भवन और परिवार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की जाएगी। अब अधिकांश कार्य डिजिटल माध्यम से होने के कारण कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है।
अधिकारियों के अनुसार प्रथम चरण में प्रत्येक भवन और परिवार से जुड़े करीब 34 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें आवास की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, भवन का प्रकार और अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत ढांचे से जुड़ी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम फील्ड कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ जनगणना अभियान को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में सहायक सिद्ध होगा। जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और प्रशिक्षण का यह चरण उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।