17 सितंबर: ऊना के इंदिरा मैदान में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकथॉन के दौरान तेज गर्मी और उमस के चलते 14 छात्राओं और दो अध्यापिकाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को तत्काल क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया। एक साथ 16 मरीजों के पहुंचने से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ गई और कुछ मरीजों को पीछे बने इमरजेंसी रूम व नवनिर्मित वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा।
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय मनकोटिया ने स्टाफ के साथ सभी का उपचार शुरू किया। तहसीलदार ऊना विपिन ठाकुर ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
छात्राओं के अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी अस्पताल पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक विवेक शर्मा, सुदर्शन बबलू और पूर्व विधायक सतपाल रायजादा मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से बातचीत कर उनका हाल जाना। इस दौरान अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने अस्पताल में स्टाफ की कमी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। मुख्यमंत्री ने सीएमओ डॉ. एसके वर्मा और एमएस डॉ. मनकोटिया से जानकारी लेते हुए जल्द चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की तैनाती का आश्वासन दिया।
ऊना सदर से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी अस्पताल पहुंचे और बीमार छात्राओं व अध्यापिकाओं का हाल जाना। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान जरूरी है, लेकिन भीषण गर्मी में बच्चों और छात्राओं को रैली में बुलाने से पहले उनकी सेहत और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। अस्पताल में उपचाराधीन सभी छात्राओं और अध्यापिकाओं की हालत स्थिर बताई जा रही है।