30 जून : शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) प्रशासन ने अस्पताल की लिफ्ट बंद होने और मरीजों को कंधों पर ले जाने संबंधी खबरों को भ्रामक बताते हुए स्थिति स्पष्ट की है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तकनीकी खराबी अस्थायी थी और मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई गई थीं।
आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने सोमवार को बताया कि 27 जून को ‘डी ब्लॉक’ की लिफ्ट में एक मरीज को ले जाते समय स्ट्रेचर पर रखा ऑक्सीजन सिलेंडर लिफ्ट के दरवाजे से टकरा गया, जिससे लिफ्ट में तकनीकी खराबी आ गई।
उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था और उसी दिन शाम करीब 4 बजे लिफ्ट को दोबारा चालू कर दिया गया।
डॉ. राव के अनुसार, लिफ्ट बंद रहने के दौरान मरीजों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह उपलब्ध थीं और अस्पताल प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।