3 जून: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले डीके शिवकुमार भावुक नजर आए। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनना उनके लिए कोई सपना नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
शिवकुमार ने कहा कि उनका राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस उपलब्धि को अपनी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि कांग्रेस के एक समर्पित कार्यकर्ता की जीत बताया, जिसने पार्टी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमेशा विश्वास बनाए रखा।
उन्होंने गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि उनका परिवार के साथ वर्षों पुराना विश्वास और सम्मान का रिश्ता है। शिवकुमार ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें कई जिम्मेदारियां दीं, जिसके लिए वह आभारी हैं।
उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने कई अवसरों पर पद से ऊपर सिद्धांतों को प्राथमिकता दी। शिवकुमार ने कहा कि वह भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा करना चाहते हैं।
नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। उन्होंने स्वीकार किया कि आगे कई चुनौतियां होंगी, लेकिन वह पूरी मेहनत और ईमानदारी से उनका सामना करेंगे।
डीके शिवकुमार ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को नई दिशा देने और विकास के नए दौर की शुरुआत करना उनकी प्राथमिकता होगी।