2 मई: हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। हिमकेयर योजना के बाद अब आयुष्मान भारत योजना भी जांच के घेरे में आ गई है।
विजिलेंस विभाग ने इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दोनों योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड तलब किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ निजी अस्पतालों ने पात्रता की सही जांच किए बिना ही मरीजों को दोनों योजनाओं का लाभ दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
सूत्रों के अनुसार ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां एक ही मरीज के नाम पर दोनों योजनाओं के तहत क्लेम किए गए। इस संबंध में विजिलेंस ने कई संदिग्ध दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं, जिनमें मरीजों का पंजीकरण, इलाज का विवरण और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निर्देश दिए हैं कि तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और पंजीकरण रद्द करना भी शामिल हो सकता है। फिलहाल निजी अस्पतालों के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।