16 जून : हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों में निर्विरोध चुनी गई 137 पंचायतों को प्रदेश सरकार विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। इन पंचायतों को विकास कार्यों के लिए कुल 34 करोड़ 25 लाख रुपए उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह राशि पंचायतों को मिलने वाली नियमित विकास ग्रांट के अतिरिक्त होगी और इसका उपयोग केवल विकास कार्यों पर ही किया जाएगा।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि पंचायतों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने पंचायती राज अधिनियम एवं नियमों में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं। इसी कड़ी में निर्विरोध पंचायत चुनने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। इसका परिणाम यह रहा कि इस बार प्रदेश में 137 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं।
उन्होंने नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों से सामाजिक एवं आर्थिक विकास को प्राथमिकता देते हुए बेहतर योजनाएं तैयार कर सरकार को भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को विभिन्न योजनाओं के तहत पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे आदर्श पंचायतों के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को सरकार एक्सपोजर विजिट पर भी भेजेगी, ताकि वे अन्य क्षेत्रों के सफल विकास मॉडल का अध्ययन कर अपने क्षेत्र में लागू कर सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 जून को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति जैसे विषयों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।