28 अगस्त: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में दोबारा लॉटरी शुरू करने को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि लॉटरी भाग्य का खेल है और इसे खरीदना किसी भी व्यक्ति के लिए अनिवार्य नहीं है। जिसकी इच्छा होगी, वही लॉटरी खरीदेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जुआ नहीं है। विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर दिए गए पत्र और उठाए गए सवालों पर भी सरकार गौर करेगी, लेकिन यह मामला वैसा नहीं है, जैसा भाजपा नेताओं की ओर से बताया जा रहा है।
नेपाल में हुई भीषण त्रासदी पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। हालांकि, अभी तक हिमाचल प्रदेश के किसी नागरिक के लापता होने की जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नेपाल में हुई यह त्रासदी जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। वर्ष 2023-24 में हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप लगातार बदल रहा है। नेपाल त्रासदी में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए हिमाचल विधानसभा में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023-24 की आपदाओं के बाद प्रदेश में आपदा प्रबंधन को लेकर लगातार बैठकें आयोजित की जाती रही हैं। जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आपदाओं के प्रभाव का पूरे एशियाई क्षेत्र में अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आपदाओं के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर आईआईटी, पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की टीम से अध्ययन करवाने की मांग की थी। इसके बाद एक टीम हिमाचल प्रदेश में अध्ययन के लिए आई थी, लेकिन अध्ययन के बाद सामने आए परिणामों की उन्हें अभी जानकारी नहीं है।
प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को अभी इस राशि का इंतजार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से औपचारिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक प्रदेश यह नहीं मान सकता कि 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि मिल गई है।