27 मई: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एचआरटीसी को परिवहन बहुउद्देशीय सहायक (टीएमपीए) पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को दो सप्ताह के भीतर नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने निगम द्वारा मामले को निदेशक मंडल की मंजूरी के लिए भेजने के फैसले को पूरी तरह अनावश्यक करार दिया। न्यायाधीश रोमेश वर्मा ने कहा कि अदालत पहले ही मामले में गुण-दोष के आधार पर फैसला सुना चुकी है, ऐसे में दोबारा बोर्ड की मंजूरी लेने का कोई औचित्य नहीं बनता।
मामले के अनुसार एचआरटीसी ने तीन अगस्त 2017 को 1300 पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया था, जबकि सितंबर 2017 में शुद्धिपत्र भी निकाला गया। इसके बाद 17 सितंबर 2017 को लिखित परीक्षा आयोजित हुई और सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार व मूल्यांकन अक्तूबर और नवंबर 2017 में किए गए। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निगम ने लंबे समय तक परिणाम घोषित नहीं किया।
बाद में ट्रिब्यूनल के निर्देशों पर 10 मई 2018 को 1235 पदों का अंतिम परिणाम जारी किया गया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चयन सूची में अधिकतर उम्मीदवार केवल कांगड़ा और मंडी जिलों से थे, जिससे चयन प्रक्रिया में क्षेत्रीय पक्षपात और अनियमितताओं की आशंका पैदा हुई।