22 सितम्बर:राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर (बड़ू) के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर के छात्र सर्वेश शर्मा ने भारतीय थल सेना की सीमा निगरानी से जुड़ी समस्या का समाधान तलाशते हुए अत्याधुनिक ड्रोन तैयार किया है। सर्वेश के इस प्रोजेक्ट के लिए रक्षा मंत्रालय की डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन (डीआईओ) और इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडैक्स) की ओर से 3.50 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर की गई है।
सर्वेश के तैयार किए गए ड्रोन को रुद्रा एज टी-1 (स्पेक्ट्रा) नाम दिया गया है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य ऐसा ड्रोन तैयार करना है, जो दुश्मन के रडार की पकड़ में न आए और जैमर से प्रभावित न हो। यह ड्रोन सीमा पर निगरानी के लिए भारतीय सेना के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
सर्वेश ने आईआईटी जोधपुर और कोनार्क कोर की राष्ट्रीय स्तर की ओपन कार्ड बोर्ड ड्रोन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों की 50 टीमों ने भाग लिया था। इसमें सर्वेश की टीम ने दस लाख रुपये का चौथा पुरस्कार हासिल किया। इसी प्रतियोगिता के दौरान भारतीय सेना की बॉर्डर सर्विलांस से जुड़ी समस्या पर चर्चा हुई, जिसके बाद सर्वेश ने इस समस्या के समाधान के लिए ड्रोन विकसित करने पर काम शुरू किया।
इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब 87 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बाद सर्वेश ने डीआईओ और आईडैक्स के प्रोजेक्ट के तहत स्टार्टअप के लिए आवेदन किया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोडक्शन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं सीईओ दिनेश माहौर ने सोमवार को इस प्रोजेक्ट के लिए बजट को स्वीकृति प्रदान की।
रक्षा मंत्रालय ने प्रोजेक्ट से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 20 दिन का समय दिया है। इसका इनक्यूबेशन सेंटर आईआईटी रुड़की में बनाया गया है। अब सर्वेश आईआईटी रुड़की की लैब में इस प्रोजेक्ट पर काम करेगा और इसे 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्वेश शर्मा हमीरपुर के गांव बाहनवीं के एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता संजीव शर्मा दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं। सर्वेश ने अपनी प्रारंभिक और सेकेंडरी शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाहनवीं से हासिल की है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर हासिल की गई इस उपलब्धि से सर्वेश ने अपने परिवार, संस्थान और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।
सर्वेश की इस उपलब्धि पर राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर, कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष समीर भारती और अन्य शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।