14 जुलाई : हमीरपुर जिले के सुजानपुर क्षेत्र के भलेठ गांव की होनहार बेटी डॉ. शरण्या डोगरा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपने पिता एयर कमोडोर राजेश डोगरा के पदचिह्नों पर चलते हुए यह उपलब्धि हासिल की और परिवार की तीसरी पीढ़ी की पहली महिला सैन्य अधिकारी बनने का गौरव भी प्राप्त किया।
प्रतिष्ठित सैन्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दिल्ली के रजोकड़ी में आयोजित समारोह में उन्हें भारतीय वायुसेना में कमीशन प्रदान किया गया। इसके बाद उनकी नियुक्ति वायुसेना की मेडिकल कोर में की गई है। शरण्या की प्रारंभिक शिक्षा एयरफोर्स के विभिन्न स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों में हुई। विदेश से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने टांडा मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप पूरी की। वायुसेना में शामिल होने से पहले वह धर्मशाला के जोनल अस्पताल स्थित हंस फाउंडेशन के डायलिसिस सेंटर में मेडिकल ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रही थीं।
डॉ. शरण्या ने बताया कि देशसेवा की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली, जबकि चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा ननिहाल से मिली। उनके मामा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजेश गुलेरी, स्वर्गीय लेखक पीयूष गुलेरी और नानी इंदिरा गुलेरी ने उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया।
बेटी की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। दादा जीवानंद डोगरा और ताऊ चंद्र दीप डोगरा ने इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी डॉ. शरण्या डोगरा को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से हिमाचल प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।