5 जून , रवि दत्त भारद्वाज: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एसडीएम कार्यालय परिसर राजगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए लोगों से प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है और इसके समाधान के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
कार्यक्रम में स्कूली छात्रों को संबोधित करते हुए एसडीएम ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के कारण ग्लोबल वार्मिंग, अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा, अतिवृष्टि और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम न होकर जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनना चाहिए।
उन्होंने छात्रों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि प्लास्टिक और पॉलीथीन के उपयोग से बचना चाहिए तथा घरों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से निपटान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों के प्रति जागरूकता आवश्यक है। 
एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने सभी छात्रों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधे को सुरक्षित रखकर उसे विकसित करना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है। यदि प्रत्येक छात्र एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो आने वाले वर्षों में हरित वातावरण के निर्माण में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
इस अवसर पर एसडीएम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन तक सीमित रहने वाला अभियान नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने छात्रों से स्वयं जागरूक नागरिक बनने तथा अपने परिवार और समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर दिए गए इस संदेश के माध्यम से राजगढ़ प्रशासन ने प्रकृति संरक्षण, स्वच्छता और हरित भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया।