20 अगस्त: उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में जिला परिषद कार्यालय मंडी के कॉन्फ्रेंस कक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 11 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक जिले के विभिन्न तहसील एवं उपतहसील कार्यालयों में निपटाए गए राजस्व अदालत के मामलों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि इस अवधि में जिले में तकसीम के 353, निशानदेही के 394 और राजस्व दुरुस्ती के 172 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त 3,615 इंतकाल भी किए गए।
उपायुक्त ने सभी राजस्व अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने विशेष रूप से एक वर्ष या इससे अधिक समय से लंबित तकसीम, निशानदेही और राजस्व दुरुस्ती से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा।
बैठक में स्वामित्व योजना के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी तहसील और उपतहसील कार्यालयों को स्वामित्व से संबंधित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जिले में पटवारखाना निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने को कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री सेवा संकल्प, सामान्य शिकायतों, विशेष राहत पैकेज और देवी-देवता भूमि आवंटन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त प्रियांशु खाती, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।