7 अक्तूबर: प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खड़ोता में सरकारी जमीन की कथित बंदरबांट और अवैध कब्जे के बहुचर्चित मामले में विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को शिमला से पहुंची स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) की टीम ने धर्मशाला में डेरा डालते हुए मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। विजिलेंस की कार्रवाई से मामले से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईयू की टीम ने मंगलवार को धर्मशाला विजिलेंस थाने में इस प्रकरण से जुड़े कई लोगों को तलब किया। टीम ने करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में उनसे पूछताछ की और जमीन के कथित अवैध लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।
जांच टीम ने पूछताछ के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड भी तलब किए हैं। जांच अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि सरकारी भूमि को निजी हाथों में पहुंचाने की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका रही।
बताया जा रहा है कि शुरुआती तौर पर मामला धर्मशाला विजिलेंस थाने में दर्ज हुआ था, लेकिन मामले के तार प्रभावशाली लोगों से जुड़े होने के कारण इसकी जांच शिमला एसआईयू को सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार, मामले में करीब 40 से 45 लोगों पर जमीन के कथित अवैध लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
विजिलेंस टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के दायरे में और लोगों के आने की संभावना है। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।