30 जून : रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के खैरी जोन की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विस्थापितों ने भाग लिया। बैठक में समिति के प्रमुख सदस्य गुमान सिंह, विकास संयोजक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए गुमान सिंह ने कहा कि रेणुका बांध परियोजना को अभी पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में परियोजना का कार्य शुरू होना संभव नहीं है। उन्होंने विस्थापितों से अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
बैठक समिति के संस्थापक सदस्य विनोद ठाकुर और सलाहकार पूर्ण शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान खैरी जोन की नई कार्यकारिणी का गठन कर विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में भूमिहीन, आवासहीन तथा उन प्रभावित परिवारों के मुद्दे भी उठाए गए, जिन्होंने परियोजना के पहले चरण में अपनी भूमि सौंप दी थी। प्रभावितों ने आरोप लगाया कि उस समय एचपीसीएल ने मुआवजा बढ़ने की स्थिति में अंतर की राशि देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक संशोधित मुआवजा नहीं मिला है।
संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि लंबित मांगों को लेकर जल्द ही व्यापक बैठक आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। समिति के प्रेस सचिव योगी ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि विस्थापितों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो समिति आंदोलन तेज करने को बाध्य होगी।