20 अगस्त: जिला हमीरपुर में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई भारी बारिश से कई क्षेत्रों में भूस्खलन और पेड़ गिरने के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं। लोक निर्माण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मशीनरी और श्रमिकों को मौके पर भेजकर अधिकांश सड़कों को कुछ ही घंटों में यातायात के लिए बहाल कर दिया।
सुजानपुर-संधोल, बदारन-जोल-गाहलियां, कसीरी महादेव-डूहक-छतरूड़ू, टौणी देवी-उहल, उहल-जंदड़ू, लघवाण-टौणी देवी, टियालू-लोहारडा, पंजोत-ललयार और बणी-मटकर सहित कई सड़कें भूस्खलन अथवा पेड़ गिरने के कारण बंद हो गई थीं। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीमों ने आवश्यक मशीनरी और श्रमिकों की मदद से सड़कों से मलबा और पेड़ हटाकर यातायात बहाल किया।
नादौन उपमंडल में मान खड्ड का जलस्तर बढ़ने से नादौन-गौना-धनेटा सड़क भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। ग्राम पंचायत कश्मीर में कुछ घरों में मलबा आने की सूचना मिलने पर एसडीएम निशांत शर्मा और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को बुधवार दोपहर तक मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों में जिले में 15 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। इस दौरान एक पक्का मकान, चार कच्चे मकान और एक गौशाला क्षतिग्रस्त हुई है।
30 जून के बाद से इस मॉनसून सीजन में हमीरपुर जिले में सरकारी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आंकड़ा 29.22 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग को सबसे अधिक 24.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को 4.53 करोड़, बिजली बोर्ड को 39.48 लाख और शिक्षा विभाग को 10 हजार रुपये की क्षति हुई है।
बारिश के कारण तीन कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं, जिससे करीब 7.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। नौ अन्य कच्चे और तीन पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 13 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी विभागों को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान की रिपोर्ट तुरंत भेजने को कहा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध करवाई जा सके।
उन्होंने जिलावासियों से भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के पास न जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की। खराब मौसम में पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने तथा बिजली की तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को भी कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 1077 या 01972-221277, 221377, 221477 और 221877 पर संपर्क किया जा सकता है।