18 सितम्बर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के रैम्प कार्यक्रम के तहत उद्योग विभाग की ओर से बुधवार को समिति हॉल, खंड विकास कार्यालय बैजनाथ में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को जीईएम, सीपीपीपीपी, बाजार में सफलता एवं स्थिरता और ई-कॉमर्स रणनीतियों के बारे में जानकारी देना रहा।
कार्यशाला में 55 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी तथा स्वयं सहायता समूहों की सदस्य शामिल रहीं। जिला उद्योग केंद्र की ओर से विस्तार अधिकारी हरदीप सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में जीईएम के आधिकारिक प्रशिक्षक अविनाश कुमार शर्मा ने जीईएम पोर्टल और सीपीपीपीपी मॉड्यूल के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि एमएसएमई उद्यमी जीईएम के माध्यम से सीधे सरकारी विभागों को अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करवा सकते हैं तथा निविदा प्रक्रिया में भाग लेकर सरकारी खरीद का हिस्सा बन सकते हैं। इस दौरान जीईएम पर पंजीकरण, उत्पादों की सूची तैयार करने और सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
दूसरे सत्र में अश्विनी ठाकुर ने बाजार में सफलता एवं स्थिरता तथा ई-कॉमर्स रणनीतियों पर जानकारी साझा की। उन्होंने डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन ब्रांडिंग, प्रभावी पैकेजिंग और बजट प्रबंधन के माध्यम से उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने तथा व्यवसाय को अधिक टिकाऊ बनाने के उपाय बताए।
कार्यशाला में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के एडवोकेसी कार्यक्रम के बारे में भी उद्यमियों को जागरूक किया गया। हिमाचल प्रदेश में सीसीआई के राज्य संसाधन व्यक्ति एवं पूर्व एचएएस अधिकारी आर.आर. पत्याल ने प्रतिस्पर्धा कानून, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और बाजार में नैतिक व्यापारिक व्यवहार के महत्व की जानकारी दी।
इस दौरान एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को जीईएम से जोड़ने को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि जीईएम पर ओडीओपी बाजार के माध्यम से ग्रामीण कारीगरों, बुनकरों और स्थानीय उत्पादकों को सरकारी खरीदारों से जोड़ने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने के साथ बिचौलियों की भूमिका कम करने और उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कार्यशाला के दौरान एनकोरेजर सर्वेश शर्मा ने उद्यमियों को जीईएम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके प्रयासों से मौके पर ही 10 से अधिक उद्यमियों का जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण करवाया गया।
कार्यशाला में उद्यमियों ने विभिन्न विषयों को लेकर विशेषज्ञों से सवाल पूछे, जिनका समाधान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल और सरकारी बाजार से जोड़कर उनके व्यवसाय के लिए नए अवसर उपलब्ध करवाना है।