21 जुलाई: बिलासपुर में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर की अध्यक्षता में सोमवार को बचत भवन में लापता व्यक्तियों, मानव तस्करी तथा पीड़ितों के पुनर्वास एवं बहाली से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि लापता व्यक्तियों का शीघ्र पता लगाने, मानव तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने तथा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किसी भी स्रोत से लापता व्यक्ति की सूचना मिलने पर तत्काल और अधिकतम 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, क्योंकि शुरुआती 24 घंटे जांच के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 में इस संबंध में आवश्यक दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं और सभी विभागों को इनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक मामले की जानकारी समयबद्ध तरीके से नेशनल इंटीग्रेटेड पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया, ताकि मामलों की प्रभावी निगरानी और समन्वय हो सके।
बैठक में पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मानव तस्करी की रोकथाम, बच्चों की सुरक्षा और लापता व्यक्तियों की सूचना देने को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के बाद अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला स्तरीय आपराधिक क्षति राहत एवं पुनर्वास बोर्ड की बैठक की भी अध्यक्षता की और पीड़ित राहत एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों के प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।