14 जुलाई : हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित बरोटीवाला ट्रक यूनियन के समीप संचालित हरियाणा के शराब ठेके को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि यह ठेका हिमाचल प्रदेश की सीमा के भीतर संचालित हो रहा है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश देते हुए राजस्व विभाग से संयुक्त निशानदेही कराने का निर्णय लिया है, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे पहले यह तय होना चाहिए कि जिस भूमि पर शराब का ठेका संचालित हो रहा है, वह राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार हिमाचल प्रदेश की है या हरियाणा की। उनका कहना है कि यदि जांच में यह भूमि हिमाचल प्रदेश की निकली तो यह केवल सीमा विवाद नहीं रहेगा, बल्कि राजस्व और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे। लोगों ने यह भी मांग की है कि यदि भूमि हिमाचल के अधिकार क्षेत्र में है तो हरियाणा के शराब ठेके को वहां किस आधार पर संचालित होने दिया गया और इसकी अनुमति किस विभाग ने दी।
स्थानीय लोगों ने राजस्व विभाग से मौके पर सीमांकन कर दोनों राज्यों की सीमा स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। आबकारी एवं कराधान विभाग बद्दी के उपायुक्त विनोद डोगरा ने बताया कि मामला विभाग के संज्ञान में है और राजस्व विभाग के माध्यम से स्थल का डिमार्केशन कराया जाएगा। इसके लिए 15 जुलाई को राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त निशानदेही निर्धारित की गई है।
अब पूरे मामले पर सभी की निगाहें 15 जुलाई को होने वाली संयुक्त निशानदेही पर टिकी हैं। यदि सीमांकन में संबंधित भूमि हिमाचल प्रदेश की पाई जाती है तो मामला प्रशासनिक और कानूनी रूप से गंभीर हो सकता है। वहीं, यदि भूमि हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में निकलती है तो लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग जाएगा।