6 अक्तूबर: इंदौरा विधानसभा क्षेत्र की पंजाब सीमा से सटी पंचायतों में विकास कार्यों की समीक्षा और नशे की रोकथाम को लेकर वन विश्रामगृह इंदौरा में बैठक आयोजित की गई। बैठक में माजरा, इमटाल, छन्नी और तोकी पंचायतों के प्रतिनिधियों सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
बैठक में विधायक मलेंद्र राजन ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सीमा से सटे क्षेत्रों में नशे की रोकथाम के लिए पंचायत स्तर पर विशेष सतर्कता और जनभागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की समस्या से निपटना केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं और महिला मंडलों सहित समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे। पंचायत प्रतिनिधियों को गांवों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहिए।
विधायक ने कहा कि पंचायतें अपने क्षेत्रों को चिट्टा मुक्त बनाने का संकल्प लें। नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना समय पर संबंधित विभागों और पुलिस को दी जानी चाहिए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक के दौरान चारों पंचायतों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, संपर्क मार्गों तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित मुद्दे विधायक के समक्ष रखे।
मलेंद्र राजन ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों की प्राथमिक आवश्यकताओं की सूची तैयार करने और विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांवों में खेल गतिविधियों, युवा क्लबों, जागरूकता कार्यक्रमों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने नशे की रोकथाम तथा पंचायतों के विकास से जुड़े सुझाव भी रखे। विधायक ने सभी प्रतिनिधियों से चिट्टा मुक्त पंचायत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने और युवाओं के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।