16 सितंबर: महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए मंगलवार को टौणी देवी में खंड स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह ने की। इस दौरान विभाग की योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों और लाभार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई।
एसडीएम ने बताया कि टौणी देवी खंड में 248 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष तक की आयु के 1750 बच्चों, 568 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष तक के 466 बच्चों को पूरक पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। खंड में 3 से 6 वर्ष की आयु के कुल 1761 बच्चे हैं, जिनमें 355 सरकारी स्कूलों, 940 निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं और 466 बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं।
पोषण 2.0 योजना की समीक्षा के दौरान एसडीएम ने बताया कि टौणी देवी खंड में 5 वर्ष तक की आयु के 3157 बच्चों में से 8 बच्चे कुपोषित और 66 बच्चे आंशिक रूप से कुपोषित पाए गए हैं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि बेटी है अनमोल योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में अब तक 4.53 लाख रुपये, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 5.10 लाख रुपये, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 3.72 लाख रुपये और विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत 8 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत निराश्रित महिलाओं के 205 बच्चों की शिक्षा के लिए 7.62 लाख रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के 18 लाभार्थियों को 16.40 लाख रुपये की वित्तीय मदद प्रदान की गई है।
इसके अलावा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों पर 83.86 हजार रुपये, पोषण अभियान पर 8.14 लाख रुपये और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 10.69 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, किराये अथवा अन्य विभागों के भवनों में संचालित केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा विभाग की अन्य योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर सीडीपीओ संतोष कौंडल ने विभाग की विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।