16 सितम्बर: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शिमला पुलिस ने अपनी जांच रणनीति में बदलाव कर अंतर्राज्यीय सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच बनाई है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के जरिए पंजाब और हरियाणा से चिट्टे की खेप शिमला पहुंचाने वाले दो कथित मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान इस नेटवर्क में सहकारिता बैंक के एक कर्मचारी की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है।
एसएसपी शिमला मेहर पंवार ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना सदर और ढली में चिट्टा तस्करी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नशे की सप्लाई चेन को खंगालना शुरू किया। जांच आगे बढ़ने पर इसके तार पड़ोसी राज्यों से जुड़े मिले।
इसके बाद शिमला पुलिस की टीमों ने पंजाब के फाजिल्का और हरियाणा के मनीमाजरा क्षेत्र में दबिश देकर दो कथित मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, शिमला में पकड़ी गई चिट्टे की खेप इन्हीं आरोपियों के माध्यम से सप्लाई की गई थी।
थाना सदर से जुड़े मामले की जांच में सहकारिता बैंक के एक कर्मचारी की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे पूछताछ के आधार पर नेटवर्क में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
एसएसपी मेहर पंवार के अनुसार, पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक हिमाचल में कितनी मात्रा में चिट्टा पहुंचाया और उन्हें इसकी आपूर्ति कहां से होती थी। इसके साथ ही नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।