3 जून, रवि दत्त भारद्वाज: राजगढ़ उपमंडल के जाजर गांव में पेयजल स्रोत के दूषित होने की आशंका को लेकर महिला मंडल की पहल पर प्रशासन सक्रिय हो गया है। महिला मंडल जाजर के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर से मुलाकात कर गांव के पेयजल स्रोत के आसपास बढ़ते कचरे और उससे उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की समस्या को उनके समक्ष रखा।
महिलाओं ने बताया कि जाजर गांव राजगढ़-बड़गला सड़क के नीचे स्थित है और इसी क्षेत्र में गांव का प्रमुख पेयजल स्रोत भी मौजूद है। सड़क किनारे बड़ी संख्या में बने रिहायशी भवनों में सैकड़ों लोग रहते हैं, लेकिन ठोस कचरा निपटान की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोग घरों से निकलने वाला कूड़ा-कचरा सड़क के नीचे घासणियों और खुले स्थानों पर फेंक रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ पेयजल स्रोत के दूषित होने का खतरा भी पैदा हो गया है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर ने खंड स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान कोठिया-जाजर पंचायत के उपप्रधान अरुण वशिष्ठ भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र का जायजा लेने के साथ स्थानीय लोगों से भी जानकारी हासिल की।
निरीक्षण के बाद एसडीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि टिक्कर रोड क्षेत्र के लोगों को खुले में कचरा न फेंकने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को चेतावनी देकर समझाया जाए और निगरानी के लिए उपयुक्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चेतावनी और जागरूकता के बावजूद यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जल शक्ति विभाग की टीम ने पेयजल के नमूने एकत्र कर गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पानी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है तथा इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है।