जम्मू-कश्मीर ऑपरेशन में वीरता के लिए ऊना के लैफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को शौर्य चक्र

9 जून देश की सुरक्षा के लिए समर्पित भारतीय नौसेना के वीर अधिकारी लैफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को उनकी असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

इस उपलब्धि से हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला और पंजाब के नंगल क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। मूलतः ऊना जिले के चढ़तगढ़ गांव से संबंध रखने वाले तथा वर्तमान में नंगल रेलवे रोड कॉलोनी में निवास करने वाले लैफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को यह सम्मान मिला है।

गौरतलब है कि 6 नवंबर 2024 को लैफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर और उनकी टीम को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में एक संयुक्त घेराबंदी और सर्च अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अभियान के दौरान एक घर में छिपे आतंकवादियों को घेर लिया गया। इसी दौरान एक आतंकवादी ने घेराबंदी तोड़कर भागने का प्रयास किया।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लैफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए छिपे हुए दूसरे आतंकवादी को सटीक निशाना बनाया और अपने साथियों को समय पर आवश्यक सूचना दी। उनके त्वरित निर्णय और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों ने दोनों आतंकवादियों को मार गिराया और अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।

उनकी इस वीरता, सूझबूझ और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उनके सम्मान के बाद क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।

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