गगल एयरपोर्ट पर पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को मिला नया बाजार

18 सितंबर: पारंपरिक कारीगरों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में उद्योग निदेशालय, हिमाचल प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत कांगड़ा स्थित गगल हवाई अड्डे पर पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है।

उद्योग निदेशालय हिमाचल प्रदेश, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की पीएम विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य नोडल एजेंसी है। इस पहल को नाबार्ड द्वारा प्रोत्साहित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सहयोग से अवसर पहल के तहत आगे बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों की कला और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध करवाना है।

गगल हवाई अड्डे पर स्थापित प्रदर्शन-सह-बिक्री काउंटर पर पीएम विश्वकर्मा कारीगरों द्वारा तैयार 25 से अधिक प्रकार के विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इन उत्पादों में विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों की कला, रचनात्मकता और हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है।

इस पहल के माध्यम से हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को हिमाचल के प्रामाणिक हस्तनिर्मित उत्पाद खरीदने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, कारीगरों के उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर नए ग्राहकों तक पहुंचाने और उनकी आय के लिए स्थायी बाजार संपर्क विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

उद्योग विभाग द्वारा इन उत्पादों की बाजार पहुंच को और विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रीमियम स्थानों पर भी कारीगरों के उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

यह पहल हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों को नए बाजारों से जोड़ने, उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने और उनकी आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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