मुख्यमंत्री सुक्खू से रैल स्कूल के विद्यार्थियों ने पूछे बेबाक सवाल, पेपर लीक और स्वच्छता पर हुई चर्चा

18 सितम्बर, बबलू गोस्वामी: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने करियर, शिक्षा, स्वच्छता, पेपर लीक और स्कूल में सुविधाओं से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देने के साथ उनकी पढ़ाई और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों को लेकर फीडबैक भी लिया।

संवाद के दौरान एक छात्रा ने पूछा कि समाज में सफाई के काम को छोटा क्यों समझा जाता है और प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। छात्रा ने बताया कि उसकी बहन सरकार के एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत कजाकिस्तान गई थी, जहां उसने बेहतर स्वच्छता व्यवस्था देखी। छात्रा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को भी और अधिक साफ-सुथरा एवं हरा-भरा बनाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने छात्रा के सवाल को उचित बताते हुए कहा कि स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वच्छता को विशेष महत्व दिया था। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को भी स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केवल अपना घर साफ रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आस-पड़ोस में भी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित स्कूलों में पढ़ाई के अनुभव के बारे में भी पूछा। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सीबीएसई पाठ्यक्रम रुचिपूर्ण लग रहा है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरणा मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी। विद्यार्थियों ने सीबीएसई स्कूल शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

एक छात्र ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेपर लीक होने से विद्यार्थियों पर गंभीर मानसिक दबाव पड़ता है और उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक की घटना से देश के युवाओं को गहरा आघात लगा और इसके विरोध में युवा सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि हर बच्चे और उसके अभिभावक को उसकी सफलता की उम्मीद होती है, ऐसे में पेपर लीक होना युवाओं के साथ धोखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब चार वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश में भी प्रश्नपत्रों की बिक्री जैसी घटनाएं सामने आई थीं। वर्तमान राज्य सरकार ने मामले की जांच करवाने के साथ हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग किया तथा पेपर लीक में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पेपर लीक करने वालों को स्पष्ट संदेश है कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

संवाद के दौरान एक छात्रा ने स्कूल के लिए रंगस से बस सुविधा शुरू करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक इंतजाम कर रही है। वहीं, एक प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी ने स्कूल की टूटी सीढ़ियों की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सीढ़ियों की जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *