23 अक्तूबर: जिला कांगड़ा में दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष के दौरान पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल को लेकर जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 और 34 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले के सभी शहरों, कस्बों और ग्राम पंचायतों में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी है। इसके साथ ही पटाखे चलाने के लिए समय भी निर्धारित किया गया है।
आदेशों के अनुसार, दीपावली पर 8 नवंबर को रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे। गुरुपर्व पर 24 नवंबर को सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और रात 9 बजे से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। क्रिसमस के अवसर पर 25 और 26 दिसंबर तथा नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रात 11:55 बजे से अगले दिन रात 12:30 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पटाखों की खुदरा और थोक बिक्री के लिए संबंधित एसडीएम (सिविल) से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित खुले और सुरक्षित स्थानों पर की जा सकेगी। दुकानों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, रेत से भरी बाल्टियां और प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था होना जरूरी है। पटाखों को उनकी मूल पैकेजिंग में रखना होगा। दुकानों के अंदर और आसपास धूम्रपान, खुली आग तथा असुरक्षित विद्युत फिटिंग पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, दो पटाखा दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा।
आदेशों के तहत बाजारों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, शांत क्षेत्रों, धरोहर इमारतों और संरक्षित स्मारकों के आसपास पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में पटाखों की दुकानों का निरीक्षण करने तथा अनधिकृत बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को आतिशबाजी से उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सभी एसडीएम, पुलिस उपाधीक्षकों, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और थाना प्रभारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 1 जनवरी, 2027 तक प्रभावी रहेंगे।
उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि वे निर्धारित समय और सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से त्योहार मनाएं।