23 सितम्बर: जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कांगड़ा जिले में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति, वित्तीय समावेशन, कृषि विकास, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न ऋण योजनाओं की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जिले के बैंकों में 52,775.32 करोड़ रुपये की जमा राशि रही, जबकि 13,696.26 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। इस दौरान जिले का ऋण-जमा अनुपात 25.95 प्रतिशत रहा। उन्होंने बैंकर्स को ऋण-जमा अनुपात में सुधार लाने और सरकारी योजनाओं के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों को ऋण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि यंत्रीकरण, कृषि अवसंरचना, किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी फार्मिंग, पशुधन ऋण और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर जोर दिया। विशेष रूप से पौंग बांध क्षेत्र में मत्स्य पालन तथा जलीय कृषि से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। ढगवार मिल्क प्लांट के लिए पर्याप्त दूध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डेयरी संचालकों और पशुपालकों को बैंकिंग योजनाओं के माध्यम से सहायता देने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा ऋण, वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना और स्वरोजगार योजनाओं के प्रति युवाओं को जागरूक करने पर भी बल दिया।
बैठक में गृह निर्माण ऋण सीमा बढ़ाने को लेकर बैंकरों से तथ्यात्मक सुझाव मांगे गए। उपायुक्त ने कहा कि भूमि की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को निर्धारित ऋण सीमा में मकान बनाने में कठिनाई हो रही है, इसलिए अगली बैठक में तथ्यों सहित सुझाव प्रस्तुत किए जाएं।
उपायुक्त ने जिले की प्रत्येक बैंक शाखा से कम से कम एक टीबी रोगी को ‘निक्षय मित्र’ के रूप में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने इसे सामाजिक दायित्व के साथ-साथ टीबी उन्मूलन अभियान में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
बैठक में कुछ बैंकों की धीमी प्रगति पर भी संज्ञान लिया गया। संबंधित बैंकर्स को फील्ड विजिट कर अगली बैठक तक सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले बैंकर्स की जवाबदेही तय करने को भी कहा गया। बैठक में विभिन्न बैंकों और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।