11 जून : शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सप्लायर को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए पिछले तीन महीनों में करीब 1.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
मामले की जांच पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज एक एनडीपीएस केस के तहत की जा रही थी। इसकी शुरुआत 24 अप्रैल 2026 को हुई, जब पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से करीब सात ग्राम चिट्टा बरामद किया था। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फरीदाबाद में रह रहा 21 वर्षीय रवि अहिरवार इस पूरे नेटवर्क में प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर की भूमिका निभा रहा था। पुलिस ने उसे पांच जून को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसका पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
पुलिस के अनुसार रवि कमीशन के आधार पर काम करता था और पिछले एक वर्ष में करीब 50 बार शिमला आकर ड्रग्स सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा। वह वर्ष 2025 से मोहाली क्षेत्र में रहकर हिमाचल प्रदेश में हेरोइन की सप्लाई कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह शिमला के आईएसबीटी टुटीकंडी और आसपास के इलाकों में दूध, कुरकुरे और अन्य खाली पैकेटों में मादक पदार्थ छिपाकर रखता था। इसके बाद वह संबंधित स्थानों की वीडियो बनाकर नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भेजता था। भुगतान की पुष्टि होने के बाद खरीदारों को लोकेशन साझा की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 के दौरान बैकवर्ड लिंकज के आधार पर 48 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 37 ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा चुका है।